हर्निया रोग क्या है
डॉ. अचल अग्रवाल, हर्निया स्पेशलिस्ट इंदौर के अनुसार हर्निया किसे कहते हैं – जिसमें पेट की दीवार की कमजोरी के कारण आते बाहर आने लगते हैं| हर्निया पेट के अलावा जांघ के ऊपरी हिस्से नाभी और कमर के आसपास भी हो सकता है| हर्निया से रक्त प्रवाह रुक जाता है जिस वजह से अन्य समस्या जैसे मांसपेशियों में कमजोरी होने लगती है|
हर्निया के प्रकार –
- अंबिलिकल हर्निया – यह हर्निया नाभि के पास होता है, इसमें नाभि के पास इसका उपहार साफ तौर पर दिख जाता है|
- इंगुइनल हर्निया – यह हर्निया पेट के निचले हिस्से या जांघों के ऊपर गांठ जैसा महसूस होता है|
- हाइटस हर्निया – यह पेट के हिस्से में डायफ्राम के माध्यम से छाती तक पहुंच जाता है और पेट की मांसपेशियों पर बुरा प्रभाव डालता है|
- इंसीजनल हर्निया – किसी भी प्रकार की पेट की सर्जरी होने के बाद यह हर्निया होने की आशंका अधिक होती है|
हर्निया क्यों होता है –
- गर्भ के समय बच्चे की पेट की दीवार या परत का पूर्ण रूप से विकसित न हो पाना
- व्यक्ति के भारी वजन उठाने के कारण
- कब्ज़ की समस्या होने के कारण
- अधिक मोटापे के कारण
- यदि कोई पुराना ऑपरेशन करवाया हो
- लंबे समय तक खांसी होने के कारण
- बढ़ती उम्र
हर्निया के लक्षण –
- पेट के ऊपर सूजन अथवा गठान महसूस होना
- पेट में दर्द होना
- मल मूत्र त्यागने में परेशानी होना
हर्निया का उपचार
मध्य प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अचल अग्रवाल के अनुसार, हर्निया का एकमात्र समाधान सर्जरी है।
सर्जरी के प्रकार:
- ओपन सर्जरी –बड़े या जटिल हर्निया के मामलों में यह पारंपरिक सर्जरी की जाती है। इसमें एक बड़ा चीरा लगाया जाता है और हर्निया की मरम्मत की जाती है।
- लेप्रोस्कोपिक सर्जरी – कम दर्दनाक, शीघ्र रिकवरी और हर्निया के वापस आने की संभावना नगण्य।
- पेट पर 2–3 छोटे छेद के माध्यम से सर्जरी होती है।
- मरीज को अधिकतर एक दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।
- दैनिक गतिविधियों पर जल्दी लौट सकते हैं।
- प्रशिक्षित लेप्रोस्कोपिक सर्जन द्वारा ही कराना चाहिए।
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रोबोटिक हर्निया सर्जरी इन इंदौर
रोबोटिक तकनीक की सहायता से की जाने वाली यह एडवांस सर्जरी अधिक सटीकता, बेहतर विज़ुअलाइज़ेशन, कम दर्द और तेज रिकवरी प्रदान करती है। यह कुछ जटिल हर्निया मामलों में भी प्रभावी विकल्प हो सकती है।
हर्निया का इलाज न करने से हो सकती हैं यह परेशानियां
- हर्निया बढ़ सकता है और लक्षण गंभीर हो सकते हैं।
- आसपास के टिशू पर दबाव पड़ सकता है, जिससे सूजन और दर्द।
- आंत का हिस्सा फंस सकता है और पेट में रुकावट पैदा कर सकता है।
- गंभीर दर्द, मतली या कब्ज पैदा हो सकती है।
- फंसी हुई आंत जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
- कोई दवा या जड़ी-बूटी हर्निया नहीं ठीक कर सकती; सर्जरी ही एकमात्र समाधान है।
📞 क्या आपको हर्निया के लक्षण महसूस हो रहे हैं?
यदि आपको पेट, नाभि या जांघ के पास सूजन, दर्द या गांठ महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
👉 डॉ. अचल अग्रवाल से परामर्श लें और अपने लिए सही उपचार विकल्प जानें।
FAQs
हर्निया की सर्जरी कब करानी चाहिए?
यदि हर्निया का आकार बढ़ रहा हो, दर्द हो रहा हो या सूजन वापस अंदर न जा रही हो, तो सर्जरी की सलाह दी जाती है।
लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी के क्या फायदे हैं?
इसमें छोटे चीरे, कम दर्द, कम अस्पताल में भर्ती और जल्दी रिकवरी होती है।
हर्निया ऑपरेशन के बाद कितने दिन में ठीक होता है?
अधिकांश मरीज 2–6 सप्ताह में सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकते हैं। रिकवरी का समय सर्जरी के प्रकार और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है.
हर्निया सर्जरी में कितना खर्च आता है?
हर्निया सर्जरी का खर्च हर्निया के प्रकार, सर्जरी की तकनीक (ओपन, लेप्रोस्कोपिक या रोबोटिक) और अस्पताल की सुविधाओं पर निर्भर करता है। सही जानकारी के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लें.